धर्म विशेष

भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश ---------------------!

       
           कभी भारत आर्यावर्त कभी हिन्दुस्थान कभी जम्बूद्वीप तो कभी मोगलिस्तान कभी इंडिया आज भारत वर्ष के नाते हम जानते हैं क्या भारत- भारत बना रहेगा जब देश का बिभाजन हुआ था उस समय भारत में मुसलमानों की जनसँख्या तीन करोड़ थी पाकिस्तान में हिन्दुओं की संख्या (एक+डेढ़ ) थी आज पाकिस्तान में हिन्दुओं की संख्या दस लाख से अधिक नहीं बंगलादेश में पचास लाख से अधिक नहीं जहाँ भारत में मुसलमानों की संख्या बढ़कर (१३ करोड़ +घुसपैठी ३ करोड़) १६ करोड़ हो गयी वहीँ पाकिस्तान और बंगलादेश में हिन्दू जनसँख्या कम क्यों हो गयी यह विचारणीय विषय है ? यहाँ के मुसलमान इस्लामिक वर्ड के इशारे पर भारत की पहचान समाप्त करना चाहते हैं.
          मुसलमानों का मनोबल कैसा बढ़ा हुआ है इसकी कल्पना हम कर सकते है जिन गावों में मुसलमान अधिक है वहां कथा, भगवत, शंख और घंटा -घरयारी नहीं बज सकती, आज के २० साल पहले गावों में मुसलमान पंडित जी पांव छुइ -बाबू जयराम करता था क्योकि यह भारतीय परंपरा है उसे स्वीकार करता था लेकिन आज यह विचार करने की आवस्यकता है की आखिर आज मुसलमान भारतीय परंपरा से केवल काट ही नहीं रहा बल्कि उसका बिरोध कर रहा है जैसे वह पुनः भारत पर शासन करने की स्थित में हो खुले आम हिन्दुओ लड़कियों का अपहरण (लव-जेहाद) हो रहा है प्रति दिन कही न कहीं यह घटना हो रहे है अब धीरे-धीरे आवाज उठनी शुरू हो गयी है ये क्यों और कैसे हो रहा है ? जब हम विचार करते है तो दिखाई पड़ता है की देश बिभाजन के समय मदरसों की संख्या केवल ५८ थी जो आज बढ़कर ३५ हज़ार हो गयी है उन मदरसों का प्रोडक्ट लम्बा कुरता अधकटा पैजामा, इस्लामिक दाढ़ी, बधना दिखाई देता है इनकी शिक्षा कही परिणाम है की वे भारतीय महापुरुषों से घृणा फैलाना, भारतीय परंपरा का बिरोध कराना, गाव-गाव में इस्लामिक झंडों की बाढ़ आ जाना जैसे हम किसी इस्लामिक देश में हों, आज के बीस -पचीस साल पहले मस्जिदों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र नहीं दिखाई देता था लेकिन अब अल्लाह को बिना ध्वनि विस्तारक के सुनाई ही नहीं देता बिना किसी अनुमति के हिंदुओं के पूजा-पाठ और बच्चों की पढ़ाई मे ब्यवधान उत्पन्न करने कमजोर तबके से विवाद खड़ा करना इंका मनोबल सेकुलर नेता बढ़ा रहे हैं जो इनके लिए ही हानिकारक सिद्ध होगा।   
          सेकुलर नेता कहते हैं मुसलमानों की अशिक्षा ही इसका कारण है लेकिन ब्यवहार मे दिखाई देता है कि पढ़ा-लिखा मुस्लिम ही समाज और देश के लिए जादे घातक है क्योंकि अमेरिका का ट्विन टावर हो अथवा भारत मे लोकतन्त्र का मंदिर या ताज होटल ये सभी आतंकवादी इंजीनियर, प्रोफेसर और वैज्ञानिक थे कोई अनपढ़, गँवार नहीं था इस कारण मुसलमानों का पढ़ना -लिखना भी समाज के लिए ठीक नहीं, शिक्षित मुसलमान भारत के लिए सबसे खतरनाक है, मुस्लिम वर्ड मखतब- मदरसों के माध्यम से धर्म के नाम पर भारतीय पहचान को समाप्त करना चाहता है, प्रत्येक सैनिक अड्डे, एयरपोर्ट, हास्पिटल, प्रमुख रेलवे स्टेशन, फोरलेन सड़क और प्रमुख सरकारी आफ़िसों के आस-पास मजार बनाना एक मुल्ला बैठाना जिसका पाकिस्तान खुफिया एजेंसी ''आईएसआई'' से संबंध रहता है, यह प्रदर्शन जैसे यह हिन्दुओ का देश नहीं कोई इस्लामिक स्टेट हो, किसी भी तरफ निकलिए बड़ी-बड़ी मस्जिदे जिंसका स्वरूप इराक, ईरान, सौदिया अथवा अन्य किसी इस्लामिक देश जैसा ही रहता है ऐसा नहीं कि भारत के मस्जिदों का स्वरूप कोई भारतीय हो प्रत्येक मुसलमान यह दिखने का प्रयत्न करता है कि वह भारतीय न होकर किसी इस्लामिक देश का हो उसके पहनावा, रहन-सहन खान-पान कुछ भी भारतीय नहीं । 
           चाहे ईद हो अथवा कोई और त्यवहार भाला-काता और अग्नेय अस्त्रों, हथियारों का प्रदर्शन सड़क जाम करना अराजकता फैलाना, अनायास हिन्दू समाज पर हमला करना, मंदिरो के मूर्तियों को निशाना बनाना, मुल्ला-मौलवी तकरीर मे पृथ्बिराज चौहान, महाराणा प्रताप और क्षत्रपति शिवाजी जैसे राष्ट्र नायकों को गली देना और यह बताने का प्रयत्न करना कि हम गोरी, बाबर की संताने हैं हमारी रंगो मे जिस कौम ने हज़ार वर्ष शासन किया है उसका रक्त बह रहा है हमे पुनः भारत का इस्लामी कारण करना है यानी पुनः भारत को इस्लामी राज्य बनाना है।           
          विदेशी ताकते भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहते हैं उसकी एक कड़ी ''लव जेहाद'' है ''मखतब -मदरसे'' उसके केंद्र हैं, इसपर इस्लामिक देशों से करोणों-अरबों डालर आ रहा है यदि भारत सतर्क नहीं हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब हिन्दू फिर से गुलामी की जंजीरों मे होगा, वे हिंदुओं की कोख के द्वारा ही हिंदुओं को पराजित करना चाहते हैं ! 
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