धर्म विशेष

बीजेपी के चाणक्य कब जागेंगे-----?

        
         अभी-अभी बिहार में लोकसभा का उप चुनाव हुआ है वैसे तो देश में कई स्थान पर चुनाव हुए हैं गुजरात में जो चुनाव का परिणाम आया वह तो अपेक्षित ही था लेकिन बिहार के महराजगंज सीट पर जो परिणाम आया है वह क्या दर्शाता है ---? मैंने पहले ही अपने लोगो को बताया था की यह चुनाव RJD के प्रभुनाथ सिंह ही जीतेगें आखिर ऐसा क्यों ? जब हम विचार करते है तो नितीश कुमार का अहंकार और नरेन्द्र मोदी का बिरोध उन्हें भारी पड़ गया, वहा चुनाव में अन्डर करेंट मोदी फैक्टर चल रहा था इस समय नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता नेहरु से कहीं अधिक हो गयी है बिहार की जनता ने नितीश को यह बता दिया कि नरेन्द्र मोदी के बिरोध का परिणाम यही होगा बीजेपी के नेताओ ने बड़ी ही मेहनत किया उसका असर ओटर पर नहीं पड़ा बिहारी जनता मोदी का बिरोध सुनने को तैयार नहीं है वह इन बेईमान नेताओ से उब गयी है वह भारत को भारत के समान ही देखना चाहती है वह एक साथ 'खतना करना और जनेउ पहनना' ये नहीं हो सकता, भारत का बिभाजन ऐसे ही नेताओ ने कराया था अब हिन्दू समाज देश बाटने को तैयार नहीं है बार-बार मोदी को अपमानित करना नितीश को भारी पड़ा, एक तरफ नितीश महराजगंज सीट पर कैम्प किये रहे दूसरी तरफ गुजरात के ६ सीटों पर मोदी जी प्रचार करने गए ही नहीं इससे दोनों के लोकप्रियता का अनुमान लगाया जा सकता है.
         गुजरात में यदि एक भी सीट बीजेपी हार जाती तो सारा ठीकरा नरेन्द्र मोदी के ऊपर मिडिया फोड़ता यह कहता कि मोदी का जादू समाप्त हो गया, मोदी जी भारत के सर्वमान्य नेता हैं यही बात संघ और बीजेपी को समझ में नहीं आ रहा है बीजेपी के जनाधार विहीन किन्तु किचन कैबिनेट के नेता जो कभी चुनाव नहीं जीत सकते वे भ्रष्ट भी हैं, कभी भी मोदी को पसंद नहीं करेगे क्यों कि मोदी के आने पर उनकी मोनोपोली नहीं चलेगी, आज बीजेपी में सुषमा स्वराज इन्ही के आदमी थे रेड्डी बंधू इन्ही के ब्यक्ति थे उत्तराँचल के पोखरियाल, आखिर अनंत कुमार कौन है बंकैया को कौन जनता है विहार के कुछ बीजेपी नेता हवाई चप्पल पहन घुमते थे आज ये कोई हज़ार करोड़ से कम की पार्टी नहीं है इन्होने कौन सा विजनेस किया है क्या संघ और बीजेपी इनका जाँच करेगी ? जब ये किसी पोष्ट पर नहीं थे तब-आज में क्या अंतर है ? इनके पास कहाँ से यह धन आया ? जिन्हें आडवानी ने पालकर रखा है, आज मोदी की लोकप्रियता ५०% से ऊपर है वही आडवानी की ३%, शुषमा की ४% है प्रधानमंत्री किसे देश बनाना चाहता है, आडवानी जी देश व संगठन में अपनी छबि ख़राब कर रहे हैं देश की जनता में उनकी थु-थु हो रही है यह उनके समझ में नहीं आ रहा है, उनकी महत्वाकांछा देश नहीं समझ पा रहा है उन्होंने ईमानदारी से पार्टी का काम किया इसका मतलब यह नहीं की और किसी कार्यकर्ता ने काम नहीं किया अब पार्टी को समाप्त करने की इजाजत पार्टी कार्यकर्ता नहीं दे सकता, जनता तो समझती है ये बीजेपी के चाणक्य क्यों नही समझते धरातल की सच्चाई को ? बीजेपी और कांग्रेस में कई समानताएं है जैसे कांग्रेस चुनाव के समय एक हो कर लड़ती है बीजेपी आपस में लड़ती है, कांग्रेस मिल-बाटकर खाते है बीजेपी के नेता अकेले-अकेले, दोनों भ्रष्ट है कांग्रेस संस्थागत तो बीजेपी के नेता ब्यक्तिगत यदि मोदी आया तो ये भ्रष्टाचार नहीं चलेगा इस नाते सभी सावधानी से मोदी का बिरोध कर रहे हैं. 
         बीजेपी के नेता क्षेत्र की जानकारी नहीं रखते वे गावों में जाते भी नहीं इस नाते ग्रास-रूट की जानकारी भी इन्हें नहीं है. इसलिए रबिशंकर जैसे नेता मिडिया में यह बोलते है की बीजेपी को १५० के आस-पास सीट मिलेगी उन्हें यह नहीं पता की मोदी का नाम की आंधी चल रही है यदि प्रधानमंत्री के लिए उनका नाम आया तो अकेले बीजेपी २७२ सीट पार करेगी लेकिन यदि वे मुगालते में रहे तो यह सीट ५० भी हो सकती है, अभी-अभी जो सर्वे बिभिन्न संस्थाओ ने किया है उसमे बिहार के सर्वे कुछ इस प्रकार है मोदी के नाम पर चुनाव लड़ने पर बीजेपी को ४० में ३० सीट मिलेगी, सभी को क्यों घबराहट है ? देश की छोटी-मोटी पार्टियाँ समाप्त हो जाएगी देश के अन्दर दो राजनैतिक दल होगे जो देश के हित में होगा देश ईसाईकरण और इस्लामीकरण से बचेगा, माओबादी मैदान छोड़ देगे, मानवधिकार का देशद्रोही कृत्य बंद होगा, भ्रष्टाचार अपने-आप समाप्त हो जायेगा क्यों कि जब एक इमानदार ब्यक्ति किसी संसथान के सिखर पर बैठता है तो वह संसथान ठीक हो जाता है जैसे चुनाव आयोग---! जब मोदी प्रधानमंत्री होगे बहुत सारी ब्यवस्थाएं अपने-आप ठीक हो जाएगी, लेकिन यह बात बीजेपी और संघ को कौन समझाए---? देश हित बड़ा है की पार्टी या कोई ब्यक्ति--? आखिर बीजेपी के चाणक्य कब चेतेगे कब जगेगे.      

3 टिप्‍पणियां

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

modi ke aane se sambhanayen badhengi.

पूरण खण्डेलवाल ने कहा…

भाजपा के चाणक्यों की निद्रा है कि टूटने का नाम ही नहीं ले रही है !!

दीर्घतमा ने कहा…

नितीश अब गठबंधन तोड़ने के पक्ष में नहीं हैं उन्हें अपनी औकात का पता चल गया है लेकिन बीजेपी को तुरंत सम्बन्ध तोड़ लेना चाहिए कई कोई जनता और देश से बढ़कर नितीश नहीं है यह गठबंधन देश और हिन्दू हित में है.