अच्छे माने जाने वाले गृहमंत्री ने भगवा आतंकबादी क्यों कहा कुछ तो करण होगा ही.


बुधवार, 8 सितंबर 2010

       भगवा  आतंक कहने पर जितनी प्रतिक्रिया होनी चाहिए उतनी नहीं हुई क्यों कि हिन्दू समाज सहिशुन है, उदार है किसी भी बड़े स्थान पर बैठे हुए ब्यक्ति जिस पर भारत जैसे देश कि जिम्मेदारी हो चाहे जो बोले यह ठीक नहीं गृहमंत्री कि बड़ी मर्यादा है क्यों कि इसी दायित्व  पर सरदार पटेल, लालकृष्ण अडवानी और चरण सिंह जैसे लोग रहे है, लगता है गृहमंत्री थक गए है या बहुत दबाव में है देखने में तो सुन्दर दीखते है हमें चितंबरम  में कोई खोट नहीं नजर आता हमें अपने इतिहास को भी देखना चाहिए आज भारत क्यों उदार है यह भी सोचना होगा क्या देश बिभाजन क़े पश्चात् यहाँ क़े मुसलमानों ने कोई ऐसा कार्य किया जिससे उन्हें उदार कहा जाये जिस अलीगढ विश्व विद्यालय ने देश क़ा बिभाजन कराया वह आज भी मुसलमानों क़े लिए ही है आज भी देश बिरोधी गातिबिधियो क़ा केंद्र बना हुआ है ३ करोण  बंगला देशी घुसपैठिये भारत क़े लिए नासूर  बने हुए है हर जगह आतंकबादी गतिबिधियो में लिप्त है जगह-जगह ४७-५६ तथा फैक करेंसी क़े कार्य में लगे है, पाकिस्तान बनने क़े बाद जिन्हें वहा जाना चाहिए था वे योजना बद्ध नहीं गए पूरे देश में कुरान की  शिक्षा जो मदरसे क़े माध्यम से दी जा रही है वे केवल आतंकबाद की  नर्सरी मात्र है पूरे देश पर मुस्लिम आतंकबादी कब्ज़ा करना चाहते है .
       देश आज़ादी क़े समय ही ईशाई मिशनरिया भारत में अंग्रेजो की  सत्ता मजबूत रहे उसके लिए युद्ध स्तर पर काम करना शुरू कर दिया था बार-बार महात्मा गाँधी ने देश को सावधान ही नहीं मिशनरियों क़ा बिरोध भी किया था आज नार्थ ईस्ट में जो देश बिरोधी कार्य है या आतंकबादी गतिबिधि है वह भी चर्च की  ही देन है इतना ही नहीं आज़ादी क़े तुरंत बाद जब पंडित जवाहर लाल नेहरु ने मध्य प्रदेश क़ा दौरा किया तो मिशनरियों क़े ईशारे पर वनवासी क्षेत्रो में जो धर्म परिवर्तन  कर चुके थे नेहरु जी को काला झंडा दीखाया जिसका किसी को कल्पना भी नहीं थी क्यों कि तुरंत ही देश आजाद हुआ था बड़ी ही असहज स्थिति थी पंडित नेहरु ने १९५५ में एक कमीशन बैठाया जिसे नियोगी कमीशन कहते है जिसके अध्यक्ष नागपुर उच्च न्यायालय क़े न्यायमूर्ति भवानी शंकर नियोगी थे कमीशन क़े अन्य सदस्य श्री घनस्याम गुप्ता मध्य प्रदेश बिधान सभा क़े पूर्व अध्यक्ष थे ,प्रो.यस.क़े.जार्ज ,श्री रतन लाल मालवीय कंग्रेश सांसद  इत्यादि सदस्य थे ,कमीशन ने सैकड़ो स्थानों पर जाकर प्रत्यक्ष ५००० शक्षियो से भेट कि तथा साक्ष्य पत्रों से युक्त करीब १५०० पृष्ठों कि रिपोर्ट तैयार किया, यह सब १९५६ में पूर्ण हुआ .
          नियोगी रिपोर्ट आने क़े पश्चात् मिशनरियों में हडकंप मच गया रिपोर्ट में इनका देश बिरोधी कारनामा उजागर हो गया हासपिटल क़ा उपयोग धर्मान्तरण क़े लिए किया जाता जिसके माध्यम से २५५२ ब्यक्तियो क़ा धर्मान्तरण किया गया ,अनाथालय क़ा उपयोग भी बच्चो  क़ा धर्मान्तरण ,शिक्षा संस्थाए इसी काम में जुटी थी ,रोमन कैथोलिक उधार रुपया देकर बदले में धर्म परिवर्तन करा रहा था, मिशनरी हिन्दू देवी,देवतावोंक़े चरित्र हनन  क़े कार्य में जुटी थी, जिसमे राम पापी है,  कृष्ण  चोर है, कुंती ब्याभिचारिणी है इत्यादि. भारत में चर्च स्वतंत्र नहीं है ये बिदेशो द्वारा नियंत्रित है .
              इसी कमीशन को आधार बनाकर मध्य प्रदेश, उड़ीसा जैसे राज्यों में धर्मान्तरण रोकने क़ा कानून बनाया.ईशयियो ने इस कानून को सर्बोच्च न्यायालय में चुनौती दी ---सर्बोच्च न्यायालय ने निर्णय में कहा धर्मान्तरण असम्बैधानिक अर्थात गैरकानूनी है लोभ ,लालच क़े बल क़े बिना भी यदि धर्मान्तरण किया जाता है तो वह भी अबैधानिक है .
               मिशनरिया ये सब कैसे बर्दास्त करती  योजना बद्ध सोनिया को जब मौका मिला तबसे इशयियो को बढ़ावा मिलना शुरू हो गया सभी को ध्यान होगा ही सोनिया ने जिसे मुख्यमंत्री बनाया अजित जोगी, गिरधर गोमंगो, आंध्र क़े कोई रेड्डी जिसके मरने क़े पश्चात् पता चला कि वे ईशाई है आखिर ये देश किसका है भारत कि पहचान क्या है क्या गृहमंत्री बने रहने क़े लिए ही चितंबरम ने यह कहा.-- . आज तक सोनिया जैसी तो ताकतवर इन्द्रा गाँधी भी नहीं थी डर क़े मारे सभी भीगी बिल्ली बने हुए है पी.एम्. हॉउस में सन्नाटा सोनिया हॉउस में गहमा-गहमी रहती है .
                 देश क़े गृहमंत्री ने देश कि आत्मा पर चोट किया है भगवा इस देश कि पहचान है इस देश कि चिति है आत्मा है सारा विश्व इसी रूप में इसे जानता है लाखो सन्यासी जो भगवा पहनते है क्या सभी आतंकबादी है करोणों बोलबम्म में देवघर जाते है वे सभी आतंकबादी है आखिर गृहमंत्री क्या कहना चाहते है धैर्य शाली हुन्दुओ को मुसलमानों या ईशयियो कि पक्ति में खड़ा करना चाहते है ----तो सावधान एक अरब हिन्दू भारत में रहता है जब वह आतंकबादी बनेगा तो सोनिया मनमोहन, चितंबरम या जिनके लिए आप बोल रहे है उनको कौन बचाएगा. भगवा धारण करने वाला शहनशील, उदार, सर्वेभवन्तु सुखिनः क़ा शंदेश देने वाला होता है कृपया उसके धैर्य कि परीक्षा  नहीं लीजिये. ये पूरा भारत जानता है कि कोई भी ईशाई ,मुसलमान भारतीय नहीं हो सकता.  जब हिन्दू ताकतवर रहेगा तभी भारत भी ताकतवर रहेगा. नहीं तो कोई पाकिस्तान तो कोई किसी लैंड  की ही माग करेगा.      
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