सावधान आज क्रिसमस है कौन है ये और चाहते क्या हैं-?----!

        आज २५ दिसंबर है बड़े प्रेम से हम  इस दिन को क्रिसमस के नाते जानते है हम भारतीय बहुत सीधे होने के कारन इस दिन का बड़ा इंतजार भी करते हैं लेकिन यह हम नहीं जानते की इस दिन ने मानव समाज का कितना नुकसान किया है जहाँ-जहाँ चर्च व पादरी सेवा के नाम पर गए धर्मान्तरण कर केवल उनका धर्म ही नहीं बदला बल्कि वहां की संस्कृति भी समाप्त कर दी, मै विदेशो का उदहारण नहीं देना चाहता भारत में नार्थ इष्ट को ही लें नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा इत्यादि सभी अपने पुर्बजो को भी भूल गए आज आतंक का पर्याय हो गया यह क्षेत्र यहाँ इन्होने लोगो को भारत बिरोधी आतंकबादी ही बनाया अब वे पश्चाताप कर रहे है की वे इसके पहले क्या थे ? आज पूरे भारत में विदेशो से अरबो डालर के बल पर लाखो पादरी-पास्टर और नन्स भारत, भारतीय संस्कृति को समाप्त करने जुटे हुए है वनवासी क्षेत्र को चारागाह समझकर सेवा के नाम पर उनका शोषण, लालच देकर दवा के बदले धर्म का सौदा, जगह-जगह कान्वेंट स्कूल, कालेज खोल कर-के द्वारा धर्मान्तरण का प्रयास पादरियों की तो चरित्र हीनता सीमा ही पार कर गयी है इनके विद्यालयों में हिन्दुओ को नीचा दिखाने, हिन्दू चिन्हों जैसे चन्दन लगाने पर प्रतिबन्ध जैसे घटनाये आये दिन होती रहती है.
         ये नया नियम (बाईबिल ) के अनुसार ईसाई पादरी इसी बात का प्रचार करते आ रहे है कि हम जीसस के उसी प्रेम और शांति का सन्देश लेकर आये है वे सन्देश क्या है--? ये नया नियम से लिया हुआ है.
       1-''यह न समझो, की मै पृथ्बी पर मिलाप कराने आया हूँ, मै मिलाप कराने नहीं, पर तलवार चलवाने आया हूँ. मै तो आया हूँ कि मनुष्य को उसके पिता से और बेटी से उसकी मां से और बहू को उसकी सास से अलग कर दू, मनुष्य के बैरी उसके घर के ही लोग होंगे'' .(मत्ती ३४-३६,पृ.९)
       २-''क्या तुम समझते हो कि मै पृथ्बी पर मिलाप कराने आया हूँ ? मै तो तुमसे कहता हूँ नहीं, वरन अलग कराने आया हूँ.क्यों कि अबसे एक घर में पांच जन आपस में बिरोध रखेगे, तीन दो से और दो तीन से. पिता पुत्र से और पुत्र पिता से बिरोध रखेगा, मां बेटी से और बेटी मां से, सास बहू से और बहू सास से बिरोध रखेगी'' (लूका १२;५१-५३, पृ.६३).        
         यहाँ संत कौन होता है संत कोलम्बस, वास्कोडिगामा और सेंट जेवियर जैसे ही है, ये कैसे है इतिहास बताता है कि केवल गोवा में सेंट जेवियर ने ही हजारो लोगो की हत्या कर जबरदस्ती हिन्दुओ को ईसाई बनाया आज भी गोवा में हथ- कटवा  खम्भा मौजूद है जिसमे हजारो महिलाओ को बाधकर उनका हाथ कट लिया जाता था, उन्हें खम्भे से बाधकर बाहर गोद में बच्चे सहित आग लगा भाले से गोदा जाता था जिससे बच्चे आग में गिर जाय ऐसा जघन्य अपराध इन प्रगतिशील, मानवता वादियों और सेंटो ने किया, (गोमान्तक उपन्यास में वीर सावरकर ने बिस्तृत वर्णन किया है ) जो संत है या जिसे संत कि उपाधि मिली है वे जघन्य अपराधी है या जिन्होंने हजारो-लाखों की हत्याए किया या करायीं इनका  इतिहास यही बताता है आज भारत में इन संतो के नाम से हजारो स्कूल चलाये जा रहे है हम भारतीय कैसे है जो इन्हें समझ नहीं पा रहे हैं हम समझते हैं की हम जैसे है ये भी उसी प्रकार है लेकिन ऐसा नहीं है सामने वाला तो धर्म खरीदता और बेचता है ये भारतीय धरती का धर्म नहीं जो सबमे वही आत्मा देखता है ये सभी कलिनेमी के सामान है सफ़ेद चोगा को बदलकर हिन्दुओ को ठगने के लिए भगवा चोगा धारण कर लिया है ये सेंट नहीं सबके-सब ठग हैं ठग !
         आज़ाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरु का जब देश दौरा हुआ तो उन्हें मध्य प्रदेश के वनवासी क्षेत्र में काले झंडे से स्वागत का सामना करना पड़ा, प्रदेश सरकार ने नियोगी कमीशन बैठाया जिससे पता चला कि जो वनवासी ईसाई हो गए है उन्हें यह आज़ादी अच्छी नहीं लगी वे ब्रिटिश शासन जी चाहते थे, इस नाते उन ईसाईयों ने काले झंडे दिखाए यानी ये मिशनरियां केवल धर्म नहीं बदलती बल्कि राष्ट्रीयता भी बदलती है, हम हिन्दू कितने भोले-भले हैं अपना काल अपने-आप बुलाते है हमें लगता है कि जैसे हम है वैसे ही ये भी है लिकिन ये ऐसे नहीं है जब मदर टेरसा को नोबुल पुरस्कार मिला तो उससे पूछ गया कि विज्ञानं कहता है कि पृथ्बी- सूर्य का चक्कर लगाती है लेकिन बाइबिल इसे नहीं मानता आप किसके साथ है टेरसा ने कहा तुरंत मै बाइबिल के साथ हूँ .
        क्या है क्रिसमस --? क्यों है क्रिसमस --? क्या करता है क्रिसमस---? हिन्दुओ सोचो-समझो और अपनी संस्कृति को देश को बचाओ-------!  

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