धर्म विशेष

एक ही प्रकार हिन्दू युवकों की हत्याएं क्या कहना चाहती हैं -----?

        
       अभी-अभी कुछ दिन पहले जनवरी 2015 माह मे ही अजीतपुर (सरइया मुजफ्फरपुर) घटना हुई ही थी कि सेंदुवारी गाँव हाजीपुर थाना मे दूसरी घटना हुई दोनों घटना एक ही समान है अजीतपुर मे भी हिन्दू लड़के को बुलाकर गला रेतकर हत्या की गयी जिसका प्रतिकार स्वरूप मुसलमानों का घर जलाया गया कई मारे भी गए तब भी सेकुलरों ने हिन्दू समाज की आलोचना की और कहा की सांप्रदायिक ताकतों का हाथ है, क्या लव जेहाद कर रहे मुसलमानों के लड़कों का ये हाल किया जाता है नहीं तब पूरा समाज-सरकार सेकुलर हो जाता है लेकिन ये कब-तक --? 22 मार्च 15 दिन मे ही सेंदुवारी गाँव मे घुसकर मुसलमानों ने दरवाजा तोड़कर संजीव के भाई और भाभी को मरा जानकर छोड़ा वे पटना 'पीएमसीएच' मे भर्ती हैं बूढ़े माँ-बाप को बुरी तरह पीटा संजीव और उसकी पत्नी को गाड़ी मे भरकर उठा ले गए, भला गाँव वालों की नपुंशकता तो देखिये कोई कुछ नहीं बोला घंटों यह सब होता रहा, मुसलमानों की हिम्मत तो देखो उस गाँव मे केवल पाँच घर ही है बाहर से मुस्लिम गुंडो को बुला इस घटना को अंजाम दिया गया।  
        यहाँ के मुसलमान भारतीय संबिधान अथवा कानून नहीं मानते वे कुरान अथवा शरीयत कानून को ही मानने का प्रयास करते हैं इसी कारण गैर मुस्लिमो के प्रति बैर भाव रखते हैं हमेसा मरने-मारने पर उतारू रहते हैं भारत का मुसलमान भी आईएसआईएस, अलकायदा, बोको हरम, आईएस अथवा अन्य किसी भी इस्लामिक आतंकवादी संगठनों के नजदीक पाता है ये सारे संगठनों के मुखिया अपने को मुहम्मद के बाद सर्व श्रेष्ठ खलीफा मानते हैं, क्योंकि जन्नत का एक मात्र रास्ता वही है मानवता के रास्ते मे ''कुरान बाधक'' है यदि वे अजीतपुर, सेंदुवारी जैसी घटना करेगे तो हिन्दू क्या करेगा ---? 
        कुछ दिन पहले ही संजीव गाँव के एक मुस्लिम लड़की से प्रेम करता था उससे अदालत मे विबाह (कोर्ट मैरेज़) कर लिया वह पटना मे रहता था, घर आया ही था की उसके साथ यह घटना हो गयी बात यह नहीं कि उसकी मुसलमानों ने हत्या की, उसकी पत्नी को हत्या करने के इरादे से दरभंगा लेकर जा रहे थे वह किसी तरह मुजफ्फरपुर गायघाट के पास गाड़ी से कूदकर भागी और किसी हिन्दू के घर मे छिप गयी प्रातः वहाँ के थाने मे लड़की पहुची और अपने दुखड़ा -घटना थानाध्यक्ष को सुनायी लड़की पुलिस की सुरक्षा मे है, विषय यह है कि जिस प्रकार अजीतपुर मे मौलबी की सलाह पर गला रेतकर हत्या की गयी थी ठीक उसी प्रकार सेंदुवारी के संजीव का गला रेतकर हत्या की, हत्याओं का प्रकार एक ही है मुसलमानों के अल्लाह को हलाल पसंद है। 
         भारत मे प्रतिवर्ष एक लाख हिंदुओं की लड़कियों का लव जेहाद- माध्यम से इस्लामी कारण किया जाता है यदि हिन्दू समाज कानून अपने हाथ मे ले-लेगा तो क्या होगा ? मुसलमान बहुत बहादुर नहीं है ये बलात्कारियों की ही सन्तानें हैं ये सभी कायर हैं कायर! हिन्दू समाज को विचार करना होगा कि जब कोई भी मुसलमान भारत का संबिधान अथवा नियम-कानून नहीं मानता किसी भी मुस्लिम मुहल्ले मे कभी भी कोई भी बिजली का बिल नहीं देता कटिया लगा काम चलाते हैं कोई कुछ नहीं कह सकता, वे सरकारी दामाद हैं आज सेंदुवारी गाँव की घटना जिसमे अदालत ने संजीव को अपनी पत्नी के साथ रहने को कहा था कहाँ गया कानून मुसलमानों ने कानून अपने हाथ मे ले गरीब पिछड़े हिन्दू जातीसे आने वाले युवक संजीव की हत्या, क्या हिन्दू समाज लाखों हिंदुओं की लड़कियों के इस्लामिकरण का बदला लेगा, इस प्रकार की घटनायें कहीं अलकायदा की आहट तो नहीं !
        एक दिन हिन्दू जरूर जागेगा उसके रंगों मे महाराणा, शिवा जी और गुरु गोविंद सिंह का खून बह रहा है उसके धैर्य की परीक्षा न लो नहीं तो कोई सरकार काम नहीं करेगी मै आज़ादी के पश्चात के दंगों को याद करना नहीं चाहता, अब भारत का अंधेरा युग समाप्त है हम मुगलों और इस्लामिक संघर्ष मे हम विजयी हो चुके हैं, हिंदुओं को छेड़ों नहीं उन्हें अरब से लेकर बंगाल तक क्या-क्या हुआ सब याद है विश्व मे कहीं भी इस्लाम गया वहाँ कोई नहीं बचा इस्लामिकरण हुआ लेकिन ''हुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी'' वही हमारी ताकत है ----और वह है हिन्दुत्व--!      
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