धर्म विशेष

भारत में रहना है तो भारतीय बनना पड़ेगा नहीं तो जहा अच्छा हो जाना चाहिए.

      
           कुछ लोगो को भारत, भारतीय संस्कृति व भारतीय धर्म से नफरत है वे उसे समाप्त करना चाहते है उसके लिए धर्मान्तरण कर हिन्दू आस्था के साथ खिलवाड़ करना उनके साथ षड़यंत्र द्वारा भारत को परास्त करना चाहते है, आतंक, हिंसा, नफरत ये सब भारत क़ा नहीं है ये सब बिदेशी आक्रमणों द्वारा आई यहाँ तो शास्त्रार्थ होता था न की अपने धर्म थोपने  क़े लिए हिंसा व धन क़ा सहारा, इस समय तो देश में  छोटे-छोटे पाकेट ऐसे बन गए है की वहां हिन्दुओ क़ा रहना दूभर हो गया है, अभी तो भारतीय भूमि क़ा ही एक हिस्सा  पाकिस्तान, बंगला देश है जहा आज कोई भी हिन्दू न तो सुरक्षित है न ही उसकी बहन- बेटी,  मंदिरों की हालत तो बदतर है ही यह तो दूसरा देश है लेकिन हमारी सहिशुंता क़ा नतीजा यह है की भारत में ऐसे-ऐसे सैकड़ो  पाकेट बन गए है जहा उन्हें मिनी पाकिस्तान कहा जाता है और धीरे-धीरे हिन्दुओ क़ा पलायन हो रहा है मै अभी हाल में पुरबी चंपारण जिले के ढाका बिकाश खंड में एक कार्यक्रम में गया था एक सामान्य ब्यक्ति ने कहा की इस ब्लाक की हालत यदि इसी प्रकार रही  तो हम हिन्दुओ को १० साल में ढाका छोड़ना पड़ेगा यानी ढाका हिन्दू बिहीन होगा।
       कश्मीर लगभग हिन्दू बिहीन हो चूका है आज उसे भारत में रखने के लिए कितनी कीमत चुकानी पड़  रही है आज पाकिस्तान अपनी   ख़ुफ़िया एजेंसी क़ा जाल पूरे भारत में फैला कर छोटे-छोटे पाकिस्तानी पाकेट खड़ा कर रहा है हम धर्मनिरपेक्ष के चक्कर में दुनिया अपनी छबि बनाने में लगे है ,इन पाकेटो में आई.एस.आई. क़े एजेंट बेधड़क सरण लेते है मखताब ,मदरसे आतंकबाद की नर्सरी के अलावा कुछ नहीं यहीं जेहादी तैयार किये जाते है इन छोटे-छोटे पाकेटो के माध्यम से पाकिस्तान अपनी रणनीति तय कर रहा है ,इस्लाम में देश भक्ति क़ा कोई स्थान नही है यदि कोई मुसलमान देश भक्त है तो वह मुसलमान हो ही नहीं सकता ।
       भारत को समझने के लिए भारत क़ा मन चाहिए अमेरिकन विद्वान डेविड फ्रोली लिखते है की वेदों को पढने के लिए भारतीय मन की आवस्यकता है नहीं तो अर्थ क़ा अनर्थ हो जायेगा ,आज हमें दुनिया से सीखने की जरुरत है फ्रोंस ,जर्मनी, आस्ट्रेलिया इत्यादि देशो ने कहा है की यदि हमारी संस्कृत आपको अच्छी नहीं लगती तो आप जा सकते है ,आस्ट्रेलिया में कुछ मुसलमानों ने अलग सुबिधा की मांग की तो उन्हें सरकार ने देश छोड़ने को कहा वहां जो भारतीयों पर हमले की बात हो रही है वास्तबिकता कुछ और ही है वे मुसलमानों के ऊपर हमले करते है भारतीय होने के नाते जब हिन्दू उनका साथ देते है तो उनपर भी अटैक होता है मिडिया में समाचार की वास्तविकता नहीं आती ।
        आखिर इसका समाधान क्या है ? भारत बचेगा या नहीं , भारत में यदि रहना है तो उसकी मुख्य धारा में यानी अपने पूर्बजो के धर्म को स्वीकार करना ही होगा नहीं तो जहा मुसलमानों को भारत से अधिक आज़ादी , सुबिधा, मिलती हो जाना चाहिए कभी-कभी उन्हें लगता है की यह उनका भी देश है आज़ादी में हिस्सा लिया है ,ऐसा नहीं है क्यों की वे अपना हिस्सा पाकिस्तान के रूप में ले चुके है सरदार पटेल क़े समय में भी एक बार एक मुस्लिम सांसद ने कुछ अलग सुबिधा की माग की थी सरदार पटेल ने साफ इंकार ही नहीं किया बल्कि उन्हें बटवारे की भी याद दिलाई, इस नाते कृपा करके आप हमें माफ़ कर दीजिये नहीं तो आपकी करनी ही  ऐसी है कि एक दिन वह जरुर आयेगा जब हिन्दू लड़ने को मजबूर हो जायेगा उस समय कोई सेकुलर आपको बचाने क़े लिए  नहीं रहेगा  .

3 टिप्‍पणियां

सत्य गौतम ने कहा…

जय भीम भारत की मुख्यधारा क्या है मेरे ब्लाग पर देखें

सुनील दत्त ने कहा…

आस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हमले तब शुरू हुए थे जब एंटोनिया के गुलाम प्रधानमन्त्री मनमोहनखान ने हिथरो हबाई अड़्डे पर हमला करने वाले आस्ट्रेलिया में रहने वाले मुसलिम आतंकवादी को वचाने के लिए नजायज रूप से हस्ताक्षेप किया जो सेकुलर गिरोह की आतंकवाद समर्थक निती का सपस्ट प्रमाण है।
इस मुसलिम आतंकवादी के पकड़े जाने पर प्रधानमन्त्री को तब तक नींद नहीं आई जब तक उसे भारत के प्रभाव का गलत उपयोग कर छुडवा नहीं लिया गया।
लेकिन इस गद्दार प्रधानमन्त्री की नींद तब हराम नहीं होती जब दर्जनों सैनिक आतंकवादियों द्वार मार दिए जाते हैं क्योंकि इस गद्दार की सरकार ने सेना पर वेढ़ियां डाल रखी हैं।

Apanatva ने कहा…

aapkee teen char post padee etihasik jhalak hamaree pracheen sanskruti kee jhalak padne ko milee......dharm ko lekar bhee kanhee kanhee kattarata dikhee ................on the whole badee informative post hai..........
mera maanna hai ki sabse badaa maanav dharm hai..............ye maansik bedee jatiyta ko le jo hai use hume kaat nikalna hoga.........

ooche kul me janm se oochakoi ho jata hai mujhe aisa nahee lagta......
karm ooche hone chahiye..........

hume sabse pahile acchee soch wala insaan banna hai...........
fir sab theek ho jaaega .........