कश्मीर--ऊमर,फहरुख,मुफ्ती महबूबा या किसी इस्लामिक आतंकबादी क़े बाप क़ा नहीं ये भारत है भारत--

       कुत्ता जब पागल हो जाता है तो उसे मारना ही पड़ता है, कश्मीर में ६०००० हिन्दुओ को मारने वाले ५लाख कश्मीरी पंडितो को भगाने वाले शिक्खो क़ा नरसंहार करने वाले, राष्ट्रिय ध्वज क़ा अपमान करने वाले, हजारो मंदिरों को नष्ट करने वाले, थानों सरकारी कार्यालयों को आग क़े हवाले करने वाले, रेल संपत्ति को ख़त्म करने वाले इनकी दवा ही क्या है-? ये देशद्रोही नहीं तो और क्या हैं-?  इनके साथ देश द्रोहियों जैसा ब्यवहार ही अपेक्षित है यानी इन्हें गोली मारने क़े अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है, पूरी घाटी में आतंकबादियो क़ा शासन है उन्ही क़ा कंट्रोल है, ऊमर अब्दुल्ला- मुफ्ती सबके सब आतंकियों से मिले हुए है पूरी घाटी में पत्थर बाजी क़ा आतंक फैलाकर भारतीय सुरक्षा बलो पर हमला कर रहे है और देशद्रोही उनका बचाव यह कहकर करते है कि पत्थरबाजी करना उनका बिरोध प्रदर्शन मात्र है, वास्तव में यह कोई आन्दोलन नहीं है ये तो वे युद्ध लड़ रहे है उनसे उसी भाषा में जबाब देना जरूरी हो गया है, यदि सेना क़े हवाले कश्मीर कर दिया जाय तो ये आतंक शांति हो सकता है केवल ५से दस हज़ार मुल्लाओ को जो आतंकबादी है उन्हें समाप्त करना ही समस्या क़ा समाधान है, देश क़े लिए करोणों लोगो ने अपना बलिदान दिया है देश बचाने क़े लिए यदि लाखो को मारना पड़े तो कोई संकोच नहीं करना चाहिए ।
      हमारे प्रधानमंत्री क़ा बयान है की कुछ स्वयत्ता बढायेगे आखिर यह कैसी स्वायत्ता होगी और क्यों ? एक देश में दो बिधान, दो निशान, दो झंडे नहीं चलेगा जिस दिन वहा से सेना हटा ली जाएगी कश्मीर क़ा क्या होगा कहना मुस्किल होगा धारा ३७० तत्काल प्रभाव से समाप्त करना चाहिए सारे अनुदान व छूट समाप्त करना चाहिए भारत क़े अभिन्न अंग को हम किसी भी कीमत पर खून की अंतिम बुद तक जाने नहीं देगे, हिन्दू गुरु तेगबहादुर, गुरु गोविन्द सिंह, डॉ.मुखर्जी क़े बलिदानों को भुलाया नहीं सकता यदि सरकार कश्मीर पर कोई राष्ट्रद्रोही फैसला करती  है तो भारत कभी माफ़ नहीं करेगा ।
संगठित हिन्दू ही समस्या क़ा समाधान
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          कश्मीर घाटी को पूरी तरह हिन्दू आबादी बिहीन करना यानी सामूहिक नरसंहार, खुली चेतावनी शिक्खो को इस्लाम काबुल करने की धमकी, घाटी में जगह-जगह लिखा है; 'इंडिया गो इंडिया ' बडगाम रेलवे स्टेशन पर हजारो की भीड़ ने हमला किया २७० रेलवे कर्मचारियों को परिवार सहित सारा समान छोड़ रात्रि क़े अँधेरे में पलायन करना पड़ा हमें याद रखना होगा की कश्मीर की समस्या राजनैतिक नहीं है इसका समाधान राजनीती से हो भी नहीं सकता ये इस्लामिक जेहाद और आज़ादी की माग नहीं !छीन कर लेने  जैसा है इसलिए इन्हें पाकिस्तान ही जाना होगा, असहनीय गुरुपुत्रो क़ा अपमान, भारत माता क़ा अपमान पूरा भारत इसे कब तक देखेगा हिन्दुओ कब उद्देलित होगे ये आतंकबाद नहीं है ये हिन्दुओ पर हमला है, ये भारत पर हमला है  इसलिए हिन्दू समाज को  दुर्बलता  से उबारना आज की सबसे बड़ी चुनौती और आवस्यकता है संगठित हिन्दू एग्रसिव हिन्दू ही समाधान।
        चेचन्या क़े आतंकबाद पर एक पत्रकार सम्मलेन में रुस के राष्ट्रपति "पुतिन" बोल रहे थे एक पत्रकार ने उनसे पूछा की आपरेशन करते समय सामान्य जनता भी मारी जाएगी, पुतिन ने उत्तर दिया कि "आप आओ मास्को ऐसा खतना करेगे की सब ठीक हो जायेगा", पत्रकार की सिट्टी-पट्टी गुम हो गयी आज हमें ऐसे ही नेतृत्व की आवस्यकता है, यह गुण भारतीय राजनेताओं में केवल नरेन्द्र मोदी में है। 

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