धर्म विशेष

मुस्लिम घुसपैठ ---! भारत के लिए खतरे की घंटी -------------!

                     
                     मदरसों व मस्जिदों की बढती तादात----
        सीमा प्रबंधन पर केंद्रीय गृह मंत्रालय कार्यदल की एक रिपोर्ट भारत बंगलादेश तथा नेपाल भारत की सीमा पर हो रहे जनसँख्या असंतुलन पर चिंता जताई गयी थी कहा गया था की हाल में बिहार व बंगाल में मस्जिद व मदरसों की संख्या अप्रत्यासित रूप से बढ़ी है, देश में २००४ में पंजीकृत १००० मदरसे थे जबकि मस्जिदों में एक लाख से अधिक मदरसे चल रहे थे, २००२ में तत्कालीन गृहमंत्री विद्यासागर राव ने कहा था मस्जिदों में चल रहे मदरसों पर नज़र रखी जाये तथा इन मदरसों को पंजीकृत करने में सावधानी बर्ती जाय उनके द्वारा कराये अध्ययन के अनुसार देश के १२ सीमांत प्रदेशो में ११४५३ मदरसे 'ISI ' के जरिये चलाये जा रहे है, बार्डर इलाके में मजारो की संख्या अप्रत्यासित रूप से बढ़ी है इसका उपयोग भारतीय सुरक्षा बलो की निगरानी के लिए किया जाता है.
    १- भारत में मुसलमानों के लिए विबाह, बिरासत व वक्फ संपत्ति से जुड़े फैसले भारतीय कानून अनुसार लागू नही होते .
    2-- भारत विश्व क़ा अकेला देश है जहा सरकार हज यात्रा के लिए विमान किराया में सबसिटी देती है २००७ में प्रति ब्यक्ति यह खर्च ४७,४५४ रु. था. मा. सर्वोच्च न्यायालय के चेतावनी पर भी अनुदान जारी है.
                           मुस्लिम संख्या में बृद्धि--------
     १--- बहु विबाह सरियत शासन के अनुसार प्रति मुसलमान चार पत्नी रख सकता है, मुसलमान परिवार नियोजन नही कराता खुदा के नाम पर प्रजनन बहुत जादा करता है एक सर्बेक्षण के अनुसार एक मुस्लिम महिला औशत ४.१ बच्चो को जन्म देती है और हिन्दू महिला २.९ मात्र है.
    २-- घुसपैठ बंगलादेश के साथ भारत की ४०४ की.मी. सीमा लगती है बंगलादेश से सुनियोजित तरीके से भारत के सीमावर्ती इलाको में घुसपैठ करायी जाती है, असम के धुबरी में तथा बिहार के किसनगंज में २००१ की जनगणना के अनुसार मुस्लिम आबादी ७४ व ६८% थी.
    ३-- एक संस्था  'द फ्यूचर ऑफ़ ग्लोबल मुस्लिम पापुलेसन' के द्वारा सर्बेक्षण में कहा गया है कि २०१० में मुसलमानों की आबादी १७ करोण ७२ लाख जो भारत की जनसँख्या क़ा १९.६% है, एक अनुमान अनुसार २०३० में तक यह आबादी २३ करोण ६१ लाख होगी .
     ४-- जम्मू -कश्मीर घाटी के ८ जिलो मुस्लिम आबादी १००% है बाकी जिलो में बहुल है .
      ५-- १९८१--१९९१ के बीच में हिन्दुओ की जनसँख्या की बृद्धि दर २२.८ थी मुसलमानों की ३२.८%.
      ६--   १९९१ में हिन्दुओ की कुल जनसँख्या ८४.९% से घटकर ८२% रहगया जब की मुस्लिम जनसँख्या ९.९ से बढ़कर 12.४% हो गयी.
       ७--- २००१ की जनगणना में हिन्दू आबादी घटकर ८०.५%रह गयी है वही मुस्लिमो की संख्या १३.४% हो गयी.
       ८--जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम आबादी ६७% है देलही में ११.७%,   उत्तर प्रदेश की १८%, बिहार की १६,६% हो गयी है.
        ९-- हरियाणा राज्य के मेवात इलाके में २००५ की  मुस्लिम जनसँख्या 66% हो गयी है.
        १०-- बिहार में नेपाल बार्डर के किनारे -किनारे 1900 मदरसे खोले जा चुके है.
                        लेवनान का उदहारण  
          कुछ दसक पहले लेवनन में ईसाई  बहुसंख्यक थे मुसलमान अल्पसंख्यक, दोनों में झगडा चलता था बहुसंख्या में होने के कारण ईसाई भारी पड़ते थे और मुसलमान पिटते थे, मुसलमानों ने योजना -बद्ध अधिक बच्चे पैदा करने शुरू किये वही ईसाई परिवार नियोजन में विस्वास रखते थे, जनसँख्या का अनुपात बदल गया और लेबनान मुस्लिम बहुल हो गया तथा ईसाई अल्पसंख्यक यह भारत को समझने के लिए पर्याप्त है.   
                  क्रमशः ---------

2 टिप्‍पणियां

बेनामी ने कहा…

hindoo tabhi jaagenge, jab jaagne layak nahi rahenge.

lokendra singh rajput ने कहा…

हिन्दू पता नहीं कब जागेगा