धर्म विशेष

आखिर सुदर्शन जी क्या बोले जो महारानी [सोनिया गाधी ] क़ा गिरोह भड़क गया ? लोकतंत्र को तार-तार करना शुरू कर दिया -------.

          
            १० नवम्बर को भोपाल धरने पर बैठे मा. सुदर्शन जी ने ऐसा क्या कह दिया जो सभी कांग्रेसी भड़क गए, सुदर्शन जी को तो वहा कुछ बोलना भी नही था हुआ क्या ? बीजेपी के प्रान्त अध्यक्ष प्रभात झा ने जो कहा वह इस प्रकार है, सुदर्शन जी बहुत बड़े है हम उनके बक्तब्य पर कोई टीका- तिपड्डी नही कर सकते ---लगता है की यह सुदर्शन जी के ह्रदय की बेदना बाहर आ गयी, वह क्या था जो प्रभात झा कह नही पा रहे है--? सुदर्शन जी ने कैथोलिक सोनिया पर बोल कर देश को चेताया- सचेत किया देश को बचाने क़ा प्रयत्न किया या और कुछ ? हमें लगता है कि इसकी जाच होनी चाहिए सोनिया माइनो की नागरिकता कब बनी / क्या प्रियंका, राहुल गाधी के पास इटली क़ा पासपोर्ट है ये सभी भारत के ही नागरिक है या दोहरी नागरिकता आज भी है ---इसे भारत के प्रत्येक नागरिक को जानने क़ा अधिकार है हम किसी भी विदेशी या संदिग्ध ब्यक्ति को भारत के सर्बोच्च स्थान पर नही बैठा सकते ------यह भी बहस क़ा मुद्दा है कि हमने देश को क्यों आजाद कराया ? हमें सेकुलर राज्य चाहिए या वर्णशंकर ब्याभिचारियो क़ा राज्य ? भारतीय संस्कृति को हमें बचाना है या नहीं इस लिए सुदर्शन जी के इस बक्तब्य को बहस क़ा आधार बनाते हुए गंभीरता पुर्बक इस खानदान और सोनिया की असलियत जनता  के सामने लाना जरुरी है, तब समझ में आयेगा कि सुदर्शन जी ने देश के ऊपर कितना एहसान किया है लोकतंत्र में सोनिया, राहुल और चितंबरम जिसको जो चाहे बोले लेकिन और कोई सोनिया के बारे में क्यों बोले ---?  वह तो लोकतंत्र द्वारा नही ये तो कांग्रेस की महारानी है लेकिन यह तो समझना ही पड़ेगा की ये इटली नही भारत है, भारत में यहाँ मुसोलिनी क़ा नही लोकतंत्र क़ा शासन है .
        सुदर्शन जी ने वही बात कही जिसे सुब्रमनियम स्वामी व अन्य लोगो ने कही आज ये सभी सामग्री नेट पर मौजूद है उन्होंने कहा कि सोनिया ने इंदिरा जी, राजीव गाधी, संजय गाधी और माधवराव सिंधिया की हत्या में साजिस किया था, पश्चिम में तो पती- पत्नी क़ा समंध कैसा रहता है हम सभी जानते है, राजीव की हत्या के पश्चात् सोनिया क़ा विधवा बना रहना पश्चिम के बिपरीत आचरण ही है और ये सब सीआईए की योजना को साकार कर रही है, सुदर्शन जी कोई आम ब्यक्ति जैसे नही है जिनको हलके में लिया जाय, जब हम तर्क द्वारा या भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी द्वारा समय-समय पर दी गयी जानकारी को ध्यान से देखते है तो यह साफ हो जाता है सीआईए की योजना से यह विवाह हुआ था और जब 'रा' ने इंदिरा जी को बताया तो वे सतर्कता बरतने लगी राजीव जी को जब सीबीआई की बैठक में जाने के लिए प्रधानमंत्री ने कहा तो भी सीबीआई ने इस पर एतराज जताया था यह कौन नही जनता की सोनिया गाधी ने लम्बे समय लगभग १७ वर्षो तक भारतीय नागरिकता नही ली यहाँ तक राहुल गाधी और प्रियंका गाधी के पास इटली क़ा पासपोर्ट था सायद अब भी होगा हो सकता है की ये दोनों की दोहरी नागरिकता हो सोनिया गाधी सीआईए की एजेंट है क्यों दर्द हुआ --? जब राहुल गाधी ने संघ को सिम्मी जैसा संगठन बताया तो संघ ने कुछ नही कहा क्या संघ के स्वयंसेवको को कोई दुःख नही हुआ होगा दर्द कैसा होता है यह तो महारानी के गुर्गो को जानना चाहिए, आखिर क्या है सोनिया गाधी ? जिसकी देश के प्रति कोई निष्ठां नही जो भारत और भारतीय संस्कृति को कुछ नही जानती वास्तव में संघ को तो एक बार लड़ ही लेना चाहिए था लेकिन फिर संघ ने वही सहिशुनता, विनम्रता मानवता के कारण कुछ नही किया लेकिन ये वे जानवर है जो इस विनम्रता को कमजोरी समझते है, ये भ्रष्ट कांग्रेसी गोरी चमड़ी के साथ रहते-रहते इनकी मानसिकता भी गुलाम जैसी हो गयी है .
          यह कौन नही जनता की कांग्रेस में जो देशभक्त होगे वे हासिये पर होगे आखिर महात्मा गाधी की कांग्रेस में क्या कीमत है सरदार पटेल ने देश के सभी रियासतों को एक किया एक बड़ा मजबूत भारत बनाने के प्रयत्न किया वही जवाहर लाल नेहरु ने जहा हाथ रखा वही आज देश समस्या में फसा है जैसे जम्मू कश्मीर लालबहादुर शास्त्री जैसे जिन्होंने जय जवान -जय किशन क़ा नारा देकर देश को स्वावलंबी बनने क़ा प्रयत्न किया नरसिंघा राव ने बर्तमान भारत की आर्थिक ढाचा को ठीक करने के लिए आर्थिक निति को बदला भारत की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने क़ा काम किया, लेकिन ये पटेल, शास्त्री और राव- नेहरु परिवार के नही होने के नाते आज कही कोई नाम लेवा नही है भारत की सभी योजना नेहरु, इंदिरा और राजीव के नाम पर ही है जिसने देश के लिए कुछ किया उनका कांग्रेस में कोई महत्व नही है, देश को सेकुलर होना चाहिए या वर्णशंकर या ब्याभिचारी इस परिवार को भारतीय संस्कृति में क्या कहा जायेगा ?
             सुदर्शन जी ने जो भी कहा है वह सौ प्रतिशत सत्य है वे इतने बड़े है और इतनी देश के लिए तपस्या है कि वे जो कुछ कह रहे है उस पर कोई टिका हो ही नही सकती सोनिया सीआईए की एजेंट है इसकी जाच तो होनी ही चाहिए कामनवेल्थ क़ा पैसा राजीव फौन्देशन में गया है इसकी तो जाच होनी ही चाहिए आखिर सोनिया का नाम लेने पर ये बेचारे महारानी के कर्मचारी क्यों भड़कते है यह तो समझना ही पड़ेगा ये सबके सब गोरो के गुलाम है और गुलामी के अभ्यस्त हो गए है इन्हें यह पता नही है की देश को आजाद कराने के लिए बीसों लाख नवजवानों ने क़ुरबानी दी थी जिस दिन देश क़ा बटवारा हुआ केवल उस दिन ही २० लाख लोग मारे गए थे और इसलिए नही देश आजाद कराया गया था कि फिर देश पर परकीय बिदेशी और बिधर्मियो क़ा शासन होगा देश क़ा विकाश तो अंग्रेज भी कर रहे थे तो क्यों हमने उन्हें देश से बाहर किया--? अभी-अभी सुब्रमनियम स्वामी ने कहा है कि डी राजा  की सुरक्षा बढ़ाई जाने चाहिए क्यों कि सोनिया की दोनों बहनों को ३०-३० प्रतिशत कमीशन मिला है इतना ही करुनानिधि ने भी लिया है बेचारे डी राजा को तो केवल १० प्रतिशत में संतोष करना पड़ा है इतने भ्रष्ट मंत्री की पीठ थप-थपाने को प्रधानमंत्री मजबूर है, नही तो नौकरी को खतरा है डी राजा को कुछ भी हो सकता है क्यों कि वे तो केवल मोहरा है कही पूरा राज़ बाहर न आ जाय इसका खतरा है ये सभी जानते है कि किससे खतरा है इसलिए उनकी सुरक्षा बहुत जरुरी है, खेल में तो राहुल गाधी के एक मित्र पर भी आरोप आ रहा है राहुल गाधी की भी जाच होनी चाहिए लेकिन वर्तमान सरकार जाच नही कराना चाहती क्यों की पूरी की पूरी मंडली उसमे सामिल है भ्रस्टाचार पर भ्रस्टाचार हो रहे है.
           सोनिया गाधी को जब भी मौका मिलता है तो ईशाई को ही परमोट करना आंध्रप्रदेश में वर्तमान मुख्यमंत्री को हटा कर रेड्डी जो ईशाई है उसे किसी प्रकार मुख्यामंत्री बनाना एक ही लक्ष्य. चर्च की योजना को साकार करना ही सोनिया व कांग्रेश क़ा लक्ष्य है ये पूरे तौर पर चर्च के चंगुल में देश को फ़साना चाहते है, इनके रास्ते में केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही रोड़ा है, संघ के कार्यकर्ताओं को किसी न किसी प्रकार बदनाम करना और सम्पूर्ण विश्व को बताना कि जैसे मुसलमान आतंकबादी होता है उसी प्रकार हिन्दू भी है हिन्दू भारत क़ा राष्ट्रीय समाज है जो शांति प्रिय और सर्वे भवन्तु सुखिनः जिसका लक्ष्य हो वह कैसे आतंकबादी हो सकता है लेकिन नही सोनिया व उनके गिरोह को तो देश, भारत और भारतीयता से कोई मतलब नही उनका तो केवल एक ही मिशन है जो अमेरिका चाहे जो सीआईए कहे वही मिशन, यही सोचने समझने की आवस्यकता है ऐसे में हिन्दू समाज की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है हिदुओ जागो और भारत को बचाओ ---सुदर्शन जी के कथन पर बहस होनी ही चाहिए. 

11 टिप्‍पणियां

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

बिल्कुल सुदर्शन जी के कथन पर बहस होनी ही चाहिए

बेनामी ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
बेनामी ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
अजय सिंह ने कहा…

सिंह जी नमस्कार '
पहले मै आप से कहूँगा कि आप बेनामियो को ब्लोक कर दीजिए | ये कमीने बिना सोचे समझे कुछ भी बोल देते है | वास्तव में ये देश भक्त नहीं हो सकते जो काँग्रेस के इतिहास को जान कर भी सोनिया को माता का दर्जा दे रखे है |

अगर सुब्रमण्यम स्वामी जी ने गतल कहा कि सोनिया कि बहनों को ३०-३० % नहीं मिला है तो क्यों नहीं स्वामी जी पर सोनिया और उनके चमचे मानहानी का मुक़दमा करते है|
जैसा कि मैंने चिपुल्नाकर जी के ब्लॉग पर पढ़ा ( सुब्रमण्यम जी का हिंदी रूपांतरण) कि सोनिया कौन है और गाँधी फेमिली कौन है ? इससे लगता है कि गाँधी परिवार हमारे देश को फिर से गुलाम करने कि सोच रहे है | भले ही इस बार अंग्रेज न हो कोई और हो | लेकिन अगर काँग्रेस रही और भाजपा इसी तरह सोती रही तो हमारे सेस को गुलाम होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा|

हमें सुदर्शन जी के बातो पर जरुर ही बहस करनी चाहिए |

जय जय भारत

बेनामी ने कहा…
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Himwant ने कहा…

वाह बाबा सुदर्शन – आपने तो कमाल कर दिया। कांग्रेसी अब सारे देश में अपनी रानी मधुमक्खी की असलियत बयान करते हुए प्रदर्शन कर रहे है। देशवासियो को असलियत से वाकिफ कराने का इस से अच्छा तरिका और क्या हो सकता था। वैसे विदेशी निवेष वाले टीवी चैनल बडे दुष्ट है – वह सिर्फ ईत्ता भर कह रहे है की बाबा जी सोनिया के खिलाफ "आपत्तिजनक बाते" कही हैं। सारी बाते खोल कर नही कह रहे है। वैसे बांकी का काम कांग्रेसीजन भौंक भौंक कर कह रहे हैं। वैसे आरोपो पर विस्तार से चर्चा हो तो अच्छा है। कोई टीवी चैनल वाला चर्चा क्यो कही करवा रहा है।

माननीय सुदर्शन जी ने बिल्कुल सही बात को ठीक ठंग से तथा ठीक समय पर कहा है। अमेरिकी सत्ता तथा सीआईए सहित उसके सारे अंग चर्च का पोषण करते है। सोनिया भी चर्च के हितो के लिए भारतीय सत्ता का उपयोग कर रही है। अतः यदि हम कम शब्दो में काफी कुछ कहना चाहते है तो सोनिया को सीआईए एजेण्ट कहना ही होगा।

अब चर्च की निति को समझे। वह दक्षिण एसिया मे हिन्दु, मुसलमानो तथा वमपंथीयो मे शाश्वत द्वन्द चाहती है। उसके उल्ट हमे समझना होगा की इस द्वन्द का समाधान ही अखण्डता के निर्माण का रास्ता है। संघ ईतिहास के एक बहुत ही निर्णायक मोड पर खडा है। स्थितिया बिल्कुल साफ है। नितियो और कार्यशैली मे परिवर्तन आवश्यक हैं। मुसलमानो तथा वामपंथीयो पर शब्द-बाण चलाना बंद करना होगा – सदभाव निर्माण की कोशीश होनी चाहिए। अगर संघ का प्रबुद्ध वर्ग भी इस बात को नही समझता तो फिर भगवान ही मालिक है .....

Himwant ने कहा…

वाह बाबा सुदर्शन – आपने तो कमाल कर दिया। कांग्रेसी अब सारे देश में अपनी रानी मधुमक्खी की असलियत बयान करते हुए प्रदर्शन कर रहे है। देशवासियो को असलियत से वाकिफ कराने का इस से अच्छा तरिका और क्या हो सकता था। वैसे विदेशी निवेष वाले टीवी चैनल बडे दुष्ट है – वह सिर्फ ईत्ता भर कह रहे है की बाबा जी सोनिया के खिलाफ "आपत्तिजनक बाते" कही हैं। सारी बाते खोल कर नही कह रहे है। वैसे बांकी का काम कांग्रेसीजन भौंक भौंक कर कह रहे हैं। वैसे आरोपो पर विस्तार से चर्चा हो तो अच्छा है। कोई टीवी चैनल वाला चर्चा क्यो कही करवा रहा है।

माननीय सुदर्शन जी ने बिल्कुल सही बात को ठीक ठंग से तथा ठीक समय पर कहा है। अमेरिकी सत्ता तथा सीआईए सहित उसके सारे अंग चर्च का पोषण करते है। सोनिया भी चर्च के हितो के लिए भारतीय सत्ता का उपयोग कर रही है। अतः यदि हम कम शब्दो में काफी कुछ कहना चाहते है तो सोनिया को सीआईए एजेण्ट कहना ही होगा।

JHAROKHA ने कहा…

sir sbedar ji
mujhme rajneeti ki itni samajh nahi hai ,isliye aapke is post par kya tippni dun samajh nahi pa rahi hun.waise aapki har post jakari ko badhva dene wali hoti hai.
agar aapne is mudde par prashn uthaya hai to vastutah soch samajh kar hi uthaya hoga.
dhanyvaad
poonam

अरविन्द ने कहा…

benami ji aap par krodh karna acchha nahi kyo ki aap desh ki pida ko nahi samjhte soniya CIA ke dwara bhartiya sanskriti ko khokhla kar rahi hai aap use samajh nahi pa rahe hai Ajay ji likha hai yadi ye arop galat hai to subramaniyam swami ke khilaf mukadama karna chahiye.

ZEAL ने कहा…

बेहतरीन लेख के लिए आभार । सुदर्शन जी जैसी हिम्मत सभी को मिले।

दीर्घतमा ने कहा…

अजय जी हिमवंत जी आपका विचार बहुत उपयुक्त है अपनी महारानी के बारे में स्वयं ही बहस कर गए है बेनामी बेचारे है ये कांग्रेस के लोग है जिन्होंने कभी भी देश क़ा हित नही सोचा केवल अपना हित जील जी,झरोखा सभी को आभार .