हिन्दुओ कब-तक मार खाते रहोगे,तुम्हे अपने पुर्बजो पर दया नहीं आती --------?

         अस्सी का दसक था केवल यह नहीं था की इन्द्रा जी की हत्या के कारन कांग्रेस के लोगो ने प्रायोजित तरीके से दसियों हज़ार सिक्खों की हत्याए की, ४७ से लेकर तो गुजरात में लोग अपनी दीवारों को सफेदी नहीं करते थे क्यों कि दंगे तो प्रत्येक साल होने ही है आग लगने वाली ही है ---! वैसे उत्तर भारत में भी कमोबेस हाल यही था, अखबारों में हेड लाइने यही होती कि अलीगढ ,मुरादाबाद, मेरठ, टांडा, भागलपुर, रामपुर इत्यादि स्थानों पर इतने मरे- इतने घायल, स्थित तनाव पूर्ण किन्तु शांति, दंगो में कोई कमी नहीं उलटे ही हिन्दू मारा जाता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आरोपों की झड़ी लग जाती जब पुलिस कार्यवाही करती तो उसमे आधे से जादे निर्दोस हिन्दुओ को आधे से कम मुसलमानों को बंद कर दिया जाता, कही-कही PSC लगायी जाती तो जब घटना स्थल पर कार्यवाही करती दंगाई मारे जाते सारे के सारे राजनैतिक दल हाय-तोबा मचाते कि मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है आखिर पुलिस क्या करती टोपी गिन कर हिन्दुओ को भी मारती -यह बात समझ नहीं आती ! दंगे बंद होने लगे अस्सी के दसक में श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के  माध्यम से हिन्दू जागने लगा और एक समय आया की भारत में छुट-फुट को छोड़ दे तो दंगे बंद हो गए क्यों कि गोधरा के बाद गुजरात में हिन्दुओ ने मुसलमानो को समुचित उत्तर दिया इतना ही नहीं पूरे भारत में जागरण का परिणाम ऐसा हुआ की जगह -जगह हिन्दू खड़ा होने लगा अपने -आप दंगे समाप्त हो गए हमें अपने पुर्बजो का उदाहरण प्रस्तुत करना पड़ेगा हम महाराणा प्रताप और बन्दा बैरागी की संताने है हमारे अन्दर गुरु गोविन्द सिंह और शिवा जी महराज का रक्त प्रवाह हो रहा है हमें इसका गौरव है .
           आज फिर वही हाल हिन्दुओ का शुरू हो गया है जगह- जगह  हिन्दुओ के तीज-त्योहारों पर आक्रमण शुरू हो गया है बिहार में तो हिन्दुओ का जीना दूभर हो गया है आये दिन कभी दरभंगा कभी कल्यानपुर, कभी बेतिया, चकिया कितने गाव गिनाये परंपरागत निकलने वाले महाबीरी झंडे पर हमले आम बात हो गयी है पुर्णिया, कटिहार में तो हिन्दुओ की बहन बेटिया सुरिक्षित नहीं है वहा अधिकारियो के नाम पर मुसलमान ही रखे गए है क्यों की यह क्षेत्र मुस्लिम प्रभावी है, शायद सरकार के लोगो को यह नहीं मालूम कि मुसलमान केवल मुसलमान ही होता है वह न तो अधिकारी है न कर्मचारी वह तो केवल मुसलमान है लव जेहाद के माध्यम से लाखो हिन्दू लडकियों को भगाया जा रहा है, हिन्दू कंहा जाय भागलपुर में इस समय सबसे अधिक लव जेहाद चल रहा है वहाँ स्थानीय संसद मुसलमान है उन्होंने एक ब्राहमण लड़की से बिबाह कर भागलपुर के मुसलमानो के लिए  उदहारण प्रस्तुत किया है जब वे सांसद नहीं थे तो उनके पास कुछ नहीं था लेकिन अब वे अरब पती है मुजफ्फरपुर में ही करोनो की समाप्ति है .
             आखिर हिन्दू करे क्या ? उसे अपनी सुरक्षा हेतु लड़ना ही पड़ेगा उसे महाराणा प्रताप ,शिवा जी का अनुसरण करना ही होगा----- किसी भी राजनैतिक दल से रक्षा की उम्मीद करना धोखा होगा विकास तो होता ही रहेगा लेकिन जब हिन्दू रहेगा--! जिस प्रकार मुस्लिम आवादी बढ़ रही है  देश पुनः बिभाजन की तरफ जा रहा है आखिर आज भी पाकिस्तान में मंदिर है लेकिन उनका क्या---? बंगला देश में तो हिन्दुओ की सर्बाधिक दुर्गति है वहा किस लड़की के साथ कब बलात्कार होगा कब किसकी संपत्ति जब्त होगा कुछ नहीं कहा जा सकता, हम उस तरफ बढ़ रहे है कही -कही हिन्दू जबाब दे रहा है बिहार के सिवहर जिला में जब इसी महीने में दस ट्रेक्टर ट्राली पर बोल-बम्म यानी भगवान शंकर को जल चढाने अरेराज को जा रहा था सिवहर के मुसलमानों ने हमला कर दिया कई घायल हो गए वहा के हिन्दुओ ने जबाब तो देना शुरू किया लेकिन नितीस की पुलिस आ गयी कुछ नहीं हो पाया, मै यह नहीं चाहता की हिन्दू किसी को मारे लेकिन यदि हिन्दू नहीं जगा तो भारत नहीं बचेगा भारत को बचाना है तो हिंद्दु को जगाना होगा भारत ह्रदय हिन्दू ह्रदय है मुसलमान तो आक्रमणकारी, बलात्कारी, आतंकबादी है यह बात हमें सोच समझ कर इस पर विस्वास करना पड़ेगा ये देश में रहे लेकिन इन्हें कितना अधिकार दिया जाय इस पर बिचार करना ही होगा नहीं तो भारत का बिभाजन अवस्यम्भावी है .  

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